उस नाक के स्प्रे को लेने से जितना आराम मिलता है वो उतना ही खतरनाक हो सकता है।

जब आपकी नाक इतनी बंद हो कि आप साँस भी न ले पा रही हों तो ओटीसी नेसल डीकंजेस्टेंट स्प्रे जैसा आराम शायद ही किसी और चीज से मिलता होगा। इसकी दवाई आपकी नाक की खून की धमनियों के रिसेप्टर्स पर असर करके उन्हें सिकोड़ देती है और नाक खोल देती है ताकि आपको मुँह से साँस न लेना पड़े।

वास्तव में स्प्रे इतना बढ़िया काम करता है कि जब भी आपकी नाक लगातार बंद हो रही होती है तो आप दिन में कई बार स्प्रे कर लेती हैं। लेकिन कुछ दिनों बाद आप पाती हैं कि आपकी नाक पहले से भी ज़्यादा बंद हो गई है।

आपको नेसल स्प्रे की “लत” तो नहीं लग सकती लेकिन ज़्यादा बार लेने से आपको राईनिटिस मेडीकमेंटोसा (रिबाउंड कंजेशन) हो सकता है।

ऐसा इसलिए होता है कि तीन-चार दिन तक लगभग हर समय इसे लेने के कारण आपनी नाक की खून की धमनियाँ स्प्रे पर निर्भर हो जाती हैं।

ये फूल कर अपने नॉर्मल साइज़ से बड़ी हो जाती हैं क्योंकि इन्हें सामान्य काम के लिए भी अब केमिकल हिट की जरूरत पड़ती है। जरूरत से ज़्यादा इस्तेमाल करने और इसकी आदत पड़ जाने का चक्र कई महीनों या कई सालों तक चल सकता है।

और आप स्प्रे पर जितना ज़्यादा निर्भर रहेंगी, रिबाउंड होने की संभावना उतनी ही ज़्यादा होगी।

दो तीन दिन तक स्प्रे लगाने में कोई नुकसान नहीं है लेकिन यदि आप एक नेसल-स्प्रे की नशेड़ी बन चुकी हैं तो बॉटल न उठाएँ। अपने डॉक्टर से ओरल स्टेरोइड लिखने को कहें ताकि जब तक आपकी साइनस ठीक हो जाएँ उस दौरान जलन और कंजेशन कम हो सके। यदि जरूरत हो तो बंद हो चुकी नाक को खोलने के लिए उसे धोएँ या जलनेति का सहारा लें।

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